ज़िंदगी

कहाँ से आए थे और कहाँ तक जाएँगे... ज़िन्दगी के इस सफ़र में कितने दिलो में हम बस जाएँगे। ये दुनिया तो बस एक तमाशा है और हम इसके रंग में ही रंग जायेंगे... आए थे रोते हुए और रुला कर चले जाएँगे। हर रास्ते पर मिलेंगे तुम्हे कई राही लिख रहे होंगे वो भी … Continue reading ज़िंदगी

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तेरी मेरी मुलाकात देख हवा में भी नमी सी है क्षण भर का रहा साथ अब फिर तेरी कमी सी है - Srishti Garg ( क़तरा ) Photograph by Alwina Kathuria.

It dwells inside, the biting fear, Spreading, growing, with every withheld tear, Suppressing voices that would rebel, The battle was lost once all swords fell, Winter's come in the spring of life, Snow's turned scarlet but nothing stops the strife, Dead is the ground beneath the steely sky, And yet I walk I know not … Continue reading